मैथिली विद्यापति गीत

के पतिया लए जायत रे
मोरा प्रियतम पास

स्वर : अामोद झा

Saturday, April 13, 2013

Sandesh - Swarnlata Jha, Govind Prasann

सन्देश - स्वर्णलता झा आ गोविन्द प्रसन्न 
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Side A
A1 कगवा लs जो तूँ सन्देश - स्वर्णलता झा (गीतकार : सबा 'दरभंगवी')
A2 अहाँक बिना सुनू यौ - स्वर्णलता झा (गीतकार : सबा 'दरभंगवी')
A3 मीता यौ मीता किछु - गोविन्द प्रसन्न (गीतकार : सबा 'दरभंगवी')
A4 ऐहन सुन्दर मिथिला धाम - स्वर्णलता झा (पारंपरिक)
A5 बीसम बयस बीतै अछि हमरो - स्वर्णलता झा (पारंपरिक)

Side B
B1 सबके तs दीवाना केलौं - गोविन्द प्रसन्न (गीतकार : सबा 'दरभंगवी')
B2 कुछु बाजै छी ने तकै - स्वर्णलता झा (गीतकार : सबा 'दरभंगवी') 
B3 सजनी गे कहियो नै - स्वर्णलता झा  (पारंपरिक)
B4 कंगना झुमका आरो - गोविन्द प्रसन्न (गीतकार : सबा 'दरभंगवी')
B5 परदेसिया के चिट्ठी - स्वर्णलता झा (गीतकार : रवींद्र जी )
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|| हवा के संग रहना
मोजों के साथ चलना
जिन्दगी कुछ ऐसी हो के
जिन्दगी के हर रंग में रंगना ||

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