मैथिली विद्यापति गीत

के पतिया लए जायत रे
मोरा प्रियतम पास

स्वर : अामोद झा

Tuesday, July 12, 2011

Mithila Ka Rafi - Tripti Shaqya, Premsagar Makunma


मिथिला का रफ़ी -मैथिली गीत
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०१ मिथिले में बसी
०२ चलु सब देखै लs नवकनियाँ के
०३ मानु पिया जाऊ ने परदेश

०४ तू छ: कते सुंदरी

०५ आब नई कराऊ इंतज़ार

०६ कनी बाजू ने कनियाँ
०७ साल उनिषम लागल छै
०८ करे छी खेकना
०९ हम झूठ नई बाजे छी

१० घुंघटा नई खोलब

११ अपन कोसा कोसा आंखि

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०१ मिथिले में बसी

०२ चलु सब देखै लs नवकनियाँ के

०३ मानु पिया जाऊ ने परदेश

०४ तू छ: कते सुंदरी

०५ आब नई कराऊ इंतज़ार

०६ कनी बाजू ने कनियाँ

०७ साल उनिषम लागल छै

०८ करे छी खेकना

०९ हम झूठ नई बाजे छी

१० घुंघटा नई खोलब

११ अपन कोसा कोसा आंखि


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|| हवा के संग रहना
मोजों के साथ चलना
जिन्दगी कुछ ऐसी हो के
जिन्दगी के हर रंग में रंगना ||

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